बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया का 80 वर्ष की आयु में निधन

Portrait of Khaleda Zia, former Bangladesh Prime Minister and BNP Chairperson who passed away at 80
बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया (1945–2025).

बांग्लादेश की पहली महिला प्रधानमंत्री खालिदा जिया का लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया. उनकी विपक्षी पार्टी बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) ने मंगलवार को इसकी पुष्टि की. 80 वर्षीय खालिदा जिया लीवर सिरोसिस से पीड़ित थीं. उनके डॉक्टरों के अनुसार, उन्हें गठिया और शुगर भी था. इसके अलावा वह दिल की बीमारी से भी जूझ रही थीं.

जिया का प्रधानमंत्री कार्यकाल

खालिदा जिया दो बार बांग्लादेश की प्रधानमंत्री रहीं. उन्होंने पहली बार 1991 से 1996 तक देश का नेतृत्व किया. दूसरी बार वह 2001 से 2006 तक प्रधानमंत्री रहीं. वह पूर्व राष्ट्रपति जियाउर रहमान की पत्नी थीं. रहमान बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी के संस्थापक भी थे. उनके बड़े बेटे तारीक रहमान बीएनपी के कार्यकारी अध्यक्ष हैं. वह 2008 से लंदन में रह रहे थे. वह इसी महीने बांग्लादेश वापस लौटे थे. उनके छोटे बेटे अराफात रहमान का निधन 2015 में हुआ था. उनकी मृत्यु दिल का दौरा पड़ने से हुई थी.

बड़ी राजनीतिक उथल-पुथल के बीच खालिदा जिया को जेल से रिहा किया गया. उनकी रिहाई 6 अगस्त 2024 को हुई थी. इसके बाद वह बेहतर इलाज के लिए लंदन चली गईं. चार महीने लंदन में रहने के बाद वह 6 मई को बांग्लादेश वापस लौटीं.

बांग्लादेश की राजनीति में एक अहम नाम

दशकों तक बांग्लादेश की राजनीति दो नेताओं के इर्द-गिर्द घूमती रही. ये नेता थीं अवामी लीग की शेख हसीना और बीएनपी की प्रमुख खालिदा जिया. मीडिया ने इस राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता को ‘बैटल ऑफ बेगम्स’ नाम दिया. 1990 के बाद हुए लगभग हर चुनाव में सत्ता या तो शेख हसीना के पास रही या खालिदा जिया के पास रही.

1980 के दशक में दोनों नेताओं ने सैन्य शासन के खिलाफ मिलकर आंदोलन किया था. लेकिन 1991 में लोकतंत्र की बहाली हुई. खालिदा जिया प्रधानमंत्री बनीं. इसके बाद दोनों के बीच राजनीतिक टकराव बहुत गहरा गया.

खालिदा जिया का राजनीति में प्रवेश

खालिदा जिया का जन्म 1945 में हुआ था. उनका राजनीति से कोई पारिवारिक संबंध नहीं था. 1960 में उनकी शादी सैनिक अधिकारी जियाउर रहमान से हुई थी. 1971 में बांग्लादेश की आजादी की लड़ाई चल रही थी. उस दौरान जियाउर रहमान ने रेडियो पर स्वतंत्र बांग्लादेश की घोषणा पढ़ी थी. 1975 में शेख मुजीबुर रहमान की हत्या हुई. इसके बाद देश में राजनीतिक अस्थिरता बढ़ी. जियाउर रहमान 1977 में राष्ट्रपति बने. उन्होंने ही बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी की स्थापना की. 30 मई 1981 को चिटगांव में उनकी हत्या कर दी गई. उनकी हत्या एक सैन्य विद्रोह के दौरान हुई थी.

पति की हत्या के बाद बीएनपी बिखरने लगी थी. पार्टी नेताओं के आग्रह पर खालिदा जिया ने कमान संभाली. उन्होंने 1984 में पार्टी का नेतृत्व अपने हाथ में लिया. 1991 के पहले लोकतांत्रिक चुनाव में उन्होंने जीत हासिल की. वह इस जीत के साथ बांग्लादेश की पहली महिला प्रधानमंत्री बनीं. खालिदा जिया का निधन बांग्लादेश की राजनीति के एक युग का अंत माना जा रहा है.


Related Posts

‘राष्ट्रपति मादुरो और उनकी पत्नी अमेरिका के कब्जे में’, वेनेजुएला पर एयरस्ट्राइक के बाद डोनाल्ड ट्रंप का दावा

वेनेजुएला पर एयरस्ट्राइक के बाद डोनाल्ड ट्रंप का दावा, ‘राष्ट्रपति मादुरो और उनकी पत्नी अमेरिका के कब्जे में’ अमेरिका के साथ जारी भारी तनाव के बीच वेनेजुएला की राजधानी काराकास…

और पढ़ें
वेनेजुएला की राजधानी कराकास पर मिसाइल हमला, धमाकों से दहला शहर; जानें किसने किया दावा?

कराकास और ला गुआइरा पोर्ट पर हुए विस्फोटों से हड़कंप मच गया है। हवाई क्षेत्र को खाली कराया गया और अमेरिका ने नागरिक उड़ानों पर रोक लगा दी है। दक्षिण…

और पढ़ें

Leave a Reply

Discover more from ब्रिक्स टाईम्स

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading