वादों पर भाजपा का तंज: तेजस्वी यादव जनता को मूर्ख बनाना बंद करें

बीजेपी ने तेजस्वी यादव पर अव्यावहारिक वादों से बिहार की जनता को गुमराह करने का आरोप लगाया. सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि राजद और महागठबंधन की राजनीति अव्यवस्थित और अविश्वसनीय है.

बिहार चुनाव के दौरान राजद प्रमुख तेजस्वी यादव के नौकरी वादों पर बीजेपी नेता सुधांशु त्रिवेदी ने आलोचना की
बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए तेजस्वी यादव के चुनावी वादों पर बोल रहे हैं.

बिहार विधानसभा चुनाव के बीच राजनीतिक बयानबाजी में तेजी आई है. बीजेपी ने राष्ट्रीय जनता दल (राजद) नेता तेजस्वी यादव को निशाना बनाया है. उन्होंने कहा कि वे ‘बड़े-बड़े वादे’ कर बिहार की जनता को बेवकूफ बनाने की कोशिश कर रहे हैं. बीजेपी ने प्रशांत किशोर की जन सुराज पार्टी पर भी हमला बोला है. उन्होंने मतदाताओं से महागठबंधन या किसी नई राजनीतिक प्रयोगशाला में न फंसने की अपील की.

तेजस्वी यादव के नौकरी के वादे को ‘क्रूर मजाक’ बताया

बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता और राज्यसभा सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस की. उन्होंने तेजस्वी यादव के चुनावी वादों को ‘क्रूर मजाक’ करार दिया. उन्होंने कहा कि हर परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने का तेजस्वी यादव का दावा पूरी तरह अव्यावहारिक है.

‘नौकरी तो दोगे पर वेतन कहां से लाओगे’ – सुधांशु त्रिवेदी का सवाल

राज्यसभा सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने गणना प्रस्तुत करके अपना पक्ष रखा. उन्होंने बताया कि बिहार की आबादी लगभग 13.5 करोड़ है. यहां करीब 2.9 करोड़ परिवार मौजूद हैं. यदि हर परिवार के एक सदस्य को नौकरी दी जाए, तो कुल खर्च 29 लाख करोड़ रुपये होगा. यह गणना 75,000 रुपये के औसत वेतन के आधार पर की गई है. जबकि बिहार का वार्षिक बजट मात्र 3.17 लाख करोड़ रुपये है.

‘बुद्ध की धरती के लोगों को बुद्धू बनाना बंद करें’

त्रिवेदी ने तीखा तंज कसा और तेजस्वी यादव से कहा कि वे बुद्ध की धरती के लोगों को ‘बुद्धू’ बनाना बंद करें. उन्होंने आरोप लगाया कि राजद नेता के ऐसे वादों के पीछे केवल चुनावी लालच है. उन्होंने जोर देकर कहा कि इसका कोई व्यावहारिक आधार नहीं है.

महागठबंधन सरकार बनी तो फिर लौट आएगा लालू शासनकाल

राजद पर भ्रष्टाचार के आरोपों को दोहराते हुए बीजेपी नेता ने कहा. उन्होंने कहा कि तेजस्वी यादव जब ’10 से 20 लाख नौकरियां देने’ की बात करते हैं. तो उनका आशय ’10 से 20 लाख रुपये लेकर नौकरी देने’ से होता है. उन्होंने चेतावनी दी कि महागठबंधन सरकार आने पर रोजगार ही नहीं, बल्कि महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान भी खतरे में पड़ जाएगा. उन्होंने कहा कि ऐसा लालू यादव के शासनकाल में देखा गया था.

पीके अपनी ही पार्टी में विश्वास नहीं जगा पा रहे – त्रिवेदी

त्रिवेदी ने जन सुराज पार्टी पर भी कटाक्ष किया. उन्होंने सवाल किया कि जो लोग अपनी ही पार्टी में विश्वास नहीं जगा सकते, वे जनता का भरोसा कैसे जीतेंगे. उन्होंने दिल्ली की राजनीति का उदाहरण दिया. उन्होंने कहा कि नई प्रयोगात्मक राजनीति देश को नुकसान पहुंचा सकती है. जैसा कि दिल्ली में आम आदमी पार्टी के शासन में देखा गया है.

बिहार के विकास के लिए केवल एनडीए सरकार

बीजेपी नेता ने कहा कि बिहार की जनता इस बार किसी भ्रम में नहीं फंसेगी. वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जैसे जांचे-परखे नेतृत्व पर भरोसा जताएगी. उन्होंने कहा कि एनडीए सरकार ने महिलाओं के कल्याण और आत्मनिर्भरता के लिए कई ठोस कदम उठाए हैं. आज लाखों परिवारों को इसका लाभ मिल रहा है.


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