इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने गाज़ा युद्धविराम और बंधक अदला-बदली समझौते में डोनाल्ड ट्रंप और उनकी टीम का धन्यवाद किया। उन्होंने कहा, “मैंने अपने दोस्त डोनाल्ड ट्रंप की तरह किसी को इतनी तेजी और दृढ़ता से दुनिया को आगे बढ़ाते नहीं देखा।”

गाज़ा समझौते के बाद ट्रंप का इजरायली संसद दौरा
गाज़ा शांति समझौते के सफल होने के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप इजरायली संसद पहुंचे। प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने उन्हें इजरायल का सर्वोच्च नागरिक सम्मान दिया। अपने संबोधन में ट्रंप ने कहा, “20 बहादुर बंधक घर लौट रहे हैं। आज बंदूकें और सायरन शांत हैं। ईश्वर की कृपा से यह भूमि हमेशा शांति में रहेगी।”
भाषण के दौरान संसद में हंगामा
ट्रंप के भाषण के बीच एक प्रदर्शनकारी ने “Genocide” लिखी तख्ती लहराई और नारेबाजी की। सुरक्षा कर्मियों ने तुरंत उसे सदन से बाहर कर दिया।
अरब देशों और मुस्लिम नेताओं का आभार
ट्रंप ने अरब देशों और मुस्लिम नेताओं को धन्यवाद दिया जिन्होंने हमास पर दबाव बनाकर बंधकों को छुड़ाने में सहयोग किया। उन्होंने कहा, “यह इजरायल और दुनिया के लिए एक बड़ी जीत है कि अब ये देश शांति के साझेदार बन गए हैं।”
‘एक बड़ी गलती…’ नेतन्याहू की प्रतिक्रिया
ट्रंप के संबोधन से पहले नेतन्याहू ने कहा, “हमारे दुश्मनों ने अब इजरायल की ताकत देख ली है। 7 अक्टूबर को हमला करना एक बड़ी गलती थी।”
उन्होंने आगे कहा, “मैंने कभी किसी को अपने दोस्त ट्रंप की तरह इतनी दृढ़ता से दुनिया को आगे बढ़ाते नहीं देखा।” नेतन्याहू ने ट्रंप को इजरायली परिवारों के लिए समझौता कराने के लिए धन्यवाद दिया और कहा कि ट्रंप के नेतृत्व ने सब कुछ बदल दिया।







