अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने घोषणा की कि होर्मुज जलडमरूमध्य को शिपिंग के लिए तभी खोला जाएगा जब ईरान के साथ एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर हो जाएंगे। यह बयान अमेरिका और ईरान के बीच महीनों चले सैन्य टकराव और नाजुक युद्धविराम के बाद आया है।

व्हाइट हाउस से ट्रंप का बड़ा ऐलान
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार को व्हाइट हाउस में एक कार्यक्रम के दौरान अहम बयान दिया। उन्होंने कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया का सबसे अहम तेल परिवहन मार्ग जल्द ही खुल जाएगा। लेकिन इसके लिए एक शर्त है। ईरान को पहले समझौता ज्ञापन (MOU) पर दस्तखत करने होंगे।
“समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर होते ही होर्मुज जलडमरूमध्य खुल जाएगा और बहुत जल्दी खुलेगा,” ट्रंप ने कार्यक्रम के दौरान कहा।
युद्ध, युद्धविराम और बंद जलडमरूमध्य
इस बयान की पृष्ठभूमि महीनों की सैन्य गतिविधियों से भरी है। अमेरिका और इजरायल ने 28 फरवरी को ईरान के अंदर स्थित ठिकानों पर संयुक्त हमले किए। उन हमलों में 3,000 से अधिक लोगों की जान गई और यह क्षेत्र के इतिहास की सबसे बड़ी सैन्य कार्रवाइयों में से एक थी।
वाशिंगटन और तेहरान ने 8 अप्रैल को युद्धविराम की घोषणा की। इसके बाद इस्लामाबाद में वार्ता हुई लेकिन कोई नतीजा नहीं निकला। लड़ाई फिर से शुरू नहीं हुई, मगर अमेरिका ने ईरानी बंदरगाहों पर नौसैनिक नाकाबंदी शुरू कर दी।
कूटनीतिक दबाव बढ़ रहा है
होर्मुज जलडमरूमध्य से दुनिया की करीब 20 फीसदी तेल आपूर्ति गुजरती है। इसका बंद रहना या बंद होने का खतरा वैश्विक ऊर्जा बाजारों को हिला देता है। ट्रंप का यह बयान संकेत देता है कि वाशिंगटन जलडमरूमध्य को फिर से खोलने को ईरान के साथ परमाणु और सुरक्षा वार्ता की प्रगति से जोड़ रहा है।
इस्लामाबाद वार्ता बिना किसी समझौते के समाप्त हो गई। अमेरिकी और ईरानी वार्ताकार अभी भी प्रमुख मांगों पर काफी दूर हैं। फिर भी ट्रंप के लहजे से आत्मविश्वास झलकता है या कम से कम यही दिखाने की कोशिश है।








