अमेरिका के नेतृत्व में हुई वार्ता के बाद इज़राइल और लेबनान युद्धविराम लागू करने पर सहमत हो गए हैं। यह समझौता तभी लागू होगा जब हिज़्बुल्लाह लिटानी नदी के दक्षिण से अपने सभी लड़ाकों को पूरी तरह वापस बुला लेगा।

उच्च स्तरीय वार्ता में ऐतिहासिक युद्धविराम पर मुहर
4 जून 2026 को अमेरिका की अगुवाई में हुई वार्ता के ज़रिए इज़राइल और लेबनान ने युद्धविराम समझौते पर सहमति जताई। इज़राइली और लेबनानी प्रतिनिधियों के बीच यह चौथी उच्च स्तरीय बैठक थी जो 2 और 3 जून को हुई।
अमेरिकी विदेश विभाग द्वारा जारी संयुक्त बयान में कहा गया “अमेरिका के नेतृत्व में हुई वार्ता के बाद इज़राइल और लेबनान युद्धविराम लागू करने पर सहमत हुए।” “यह युद्धविराम तभी प्रभावी होगा जब हिज़्बुल्लाह पूरी तरह से हमले बंद करे और लिटानी नदी के दक्षिण से अपने सभी लड़ाके वापस बुलाए।”
अलग सैन्य क्षेत्र और नई बातचीत की तैयारी
दोनों पक्षों ने केवल लेबनानी सशस्त्र बलों के नियंत्रण वाले अलग क्षेत्र जल्द बनाने पर सहमति जताई। 22 जून से अमेरिकी मध्यस्थता में राजनीतिक और सैन्य संवाद फिर से शुरू होगा जिसका उद्देश्य एक व्यापक समझौते तक पहुंचना है।
वार्ता में शामिल पक्षों ने पड़ोसी देशों पर ईरान की मिसाइल बमबारी की निंदा की और क्षेत्र में तेहरान की तथाकथित अस्थिर करने वाली गतिविधियों पर भी आपत्ति जताई।
पृष्ठभूमि संघर्ष कैसे बढ़ा
इससे पहले वाशिंगटन में लेबनान के दूतावास ने बताया था कि हिज़्बुल्लाह ने इज़राइल के साथ आपसी हमले बंद करने के अमेरिकी प्रस्ताव को स्वीकार कर लिया है। उस रूपरेखा के तहत इज़राइल को बेरूत के दक्षिणी उपनगरों पर हमले बंद करने थे और हिज़्बुल्लाह को इज़राइली इलाके में हमले रोकने थे।
हिज़्बुल्लाह ने 2 मार्च को ईरान के खिलाफ अमेरिका-इज़राइल सैन्य अभियान के बीच इज़राइल पर रॉकेट और ड्रोन हमले शुरू किए। इज़राइली सेना ने जवाब में बेरूत के दक्षिणी उपनगरों और दक्षिण व पूर्वी लेबनान में हिज़्बुल्लाह के ठिकानों पर बड़े पैमाने पर हवाई हमले किए। इज़राइल ने शिया प्रतिरोध के खिलाफ नए सैन्य अभियान की घोषणा करते हुए दक्षिणी लेबनान में ज़मीनी ऑपरेशन भी शुरू किया।
अप्रैल का समझौता विफल रहा
16 अप्रैल को वाशिंगटन में हुई वार्ता में एक पिछले युद्धविराम पर सहमति बनी थी। लेकिन औपचारिक समझौते के बावजूद इज़राइल दक्षिण लेबनान के दर्जनों गांवों पर रोज़ाना हमले करता रहा। हिज़्बुल्लाह ने जवाबी कार्रवाई जारी रखी और इज़राइली बलों के खिलाफ लड़ाकू अभियान चलाता रहा।








