केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड सीपीसीबी के ‘समीर’ ऐप के अनुसार चार निगरानी स्टेशन ने वायु गुणवत्ता को पहले ही ‘गंभीर’ श्रेणी में बताया जहां एक्यूआई 400 के स्तर से ऊपर था।

राजधानी में छाई जहरीली हवा
मंगलवार (21 अक्टूबर) की सुबह जहरीली हवा के साथ शुरू हुई। सोमवार, यानी दिवाली की शाम, दिल्ली के 38 में से 34 निगरानी स्टेशनों पर प्रदूषण ‘रेड जोन’ में था। ‘रेड जोन’ का अर्थ ‘बहुत खराब’ से ‘गंभीर’ वायु गुणवत्ता है। सोमवार-मंगलवार की रात दिल्ली में धुंध की एक मोटी परत छाई रही। औसत Delhi AQI 531 दर्ज किया गया। यह राष्ट्रीय औसत से 1.8 गुना अधिक है।
नरेला में 550 के पार हुआ एक्यूआई
नरेला में Air Quality Index 550 के पार होकर 551 तक पहुंच गया। अशोक नगर में भी यह 493 तक पहुंच गया। दिवाली की शाम दिल्ली में जमकर पटाखे फोड़े गए। इस बीच एनसीआर के नोएडा और गुरुग्राम में भी हालात खराब रहे। नोएडा का Delhi AQI 407 दर्ज हुआ। गुरुग्राम का एक्यूआई 402 दर्ज किया गया। मौसम विभाग का कहना है कि हवा न चलने के कारण दीपावाली की शाम धुंध बनी रही। मंगलवार की सुबह दिल्ली के कुछ इलाकों में आंशिक बादल छाए रहने की संभावना है।
सीपीसीबी डेटा में ‘गंभीर’ स्तर
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के ‘समीर’ ऐप के अनुसार यह डेटा मिला। चार निगरानी स्टेशनों ने वायु गुणवत्ता को ‘गंभीर’ श्रेणी में बताया। यहां एक्यूआई का स्तर 400 से ऊपर था। द्वारका में Delhi AQI 417 दर्ज किया गया। अशोक विहार में 404, वजीरपुर में 423 और आनंद विहार में 404 दर्ज किया गया।
21 अक्टूबर सुबह 6.00 बजे का AQI
दिल्ली आनंद विहार: 352 बुराड़ी क्रासिंग: 393 अशोक विहर: 386 आयानगर: 349 बवाना: 418 CRRI मथुरा रोड: 341 चांदनी चौक: 347 NSIT द्वारका: 389 IGI एयरपोर्ट T3: 294 दिलशाह गार्डन: 346 ITO: 345 जहांगीरपुरी: 404 लोधी रोड: 334 नरेला: 354 डीयू नॉर्थ कैंपस: 352 पटपड़गंज: 339 आरके पुरम: 369 रोहिणी: 367 सीरी फोर्ट: 310 वजीरपुर: 408 विवेक विहार: 367
गाजियाबाद इंदिरापुरम: 329 लोनी: 329 वसुंधरा: 351
नोएडा सेक्टर-125: 326 सेक्टर-1: 322 सेक्टर-116: 340
गुरुग्राम सेक्टर-51: 346 NISE: 357
दिल्ली में ग्रैप-2 लागू
बढ़ते प्रदूषण के बीच दिल्ली में ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (GRAP-2) लागू किया गया। दिवाली से पहले ही दिल्ली की हवा जहरीली हो गई थी। इसलिए डीजल जनरेटर पर रोक लगाई गई। निजी गाड़ियों का इस्तेमाल कम करने के लिए पार्किंग फीस बढ़ाई गई। सीएनजी-इलेक्ट्रिक बसों और मेट्रो की सर्विस भी बढ़ाई गई। नेचुरल गैस, बायो गैस, एलपीजी से चलने वाले जेनरेटर चलाने की अनुमति दी गई।
38 स्थानों पर बेहद खराब एक्यूआई
दिल्ली में लगभग 30 निगरानी स्टेशनों ने एक्यूआई को ‘बहुत खराब’ श्रेणी में बताया। इसका स्तर 300 से ऊपर था। आंकड़ों के अनुसार दोपहर में 38 में से 31 निगरानी स्टेशनों पर वायु गुणवत्ता ‘बहुत खराब’ श्रेणी में थी। जबकि तीन स्टेशनों पर यह ‘गंभीर’ श्रेणी में दर्ज की गई।
अगले दो दिन का अलर्ट
दिल्ली में मंगलवार और बुधवार को वायु गुणवत्ता के ‘गंभीर’ श्रेणी में पहुंचने की आशंका है। एक्यूआई स्केल के अनुसार, 0 से 50 ‘अच्छा’, 51 से 100 ‘संतोषजनक’, 101 से 200 ‘मध्यम’, 201 से 300 ‘खराब’, 301 से 400 ‘बहुत खराब’ और 401 से 500 ‘गंभीर’ माना जाता है।
दूसरे चरण के प्रतिबंध सक्रिय
निर्णय समर्थन प्रणाली (DSS) के आंकड़ों से पता चला है। सोमवार को परिवहन उत्सर्जन का योगदान 15.6 प्रतिशत रहा। उद्योगों सहित अन्य कारकों का योगदान 23.3 प्रतिशत था। इससे पहले वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने GRAP के दूसरे चरण के प्रतिबंध लागू कर दिए थे। यह नियम दिल्ली-एनसीआर में लागू हुए।
कोर्ट ने शर्तों के साथ दी थी अनुमति
उच्चतम न्यायालय ने 15 अक्टूबर को ग्रीन पटाखों की बिक्री और इस्तेमाल की अनुमति दी थी। यह अनुमति कुछ शर्तों के साथ दिल्ली-एनसीआर में दी गई थी। इसके तहत दिवाली से एक दिन पहले और त्योहार के दिन ग्रीन पटाखे फोड़ने की अनुमति मिली थी। समय सुबह छह बजे से शाम सात बजे तक था। इसके बाद रात आठ बजे से 10 बजे तक भी अनुमति दी गई थी।







