पीएम मोदी ने की ‘प्रगति’ की 50वीं बैठक की अध्यक्षता, 40 हजार करोड़ के प्रोजेक्ट्स की हुई समीक्षा

पीएम मोदी ने कहा कि पिछले एक दशक में प्रगति (PRAGATI) इकोसिस्टम ने बड़ी भूमिका निभाई है। इसने ₹85 लाख करोड़ से अधिक लागत की परियोजनाओं को गति दी है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 50वीं प्रगति बैठक में प्रमुख बुनियादी ढांचा परियोजनाओं और कल्याणकारी योजनाओं की समीक्षा करते हुए।
पीएम मोदी ने 50वीं प्रगति बैठक की अध्यक्षता की, ₹40,000 करोड़ की परियोजनाओं की समीक्षा की। (Photo: PTI)

पीएम मोदी ने प्रगति की 50वीं बैठक की अध्यक्षता की

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार (31 दिसंबर, 2025) को प्रगति (PRAGATI) की 50वीं बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में पांच राज्यों की परियोजनाओं की समीक्षा की गई। ये परियोजनाएं सड़क, रेलवे, बिजली, जल संसाधन और कोयला क्षेत्रों से जुड़ी हैं। इन सभी परियोजनाओं की कुल लागत ₹40,000 करोड़ रुपये से ज्यादा है।

बढ़ती प्रगति की प्रासंगिकता और महत्व

पीएम मोदी ने कहा कि भारत अब तेज गति से आगे बढ़ रहा है। इसलिए प्रगति की प्रासंगिकता और भी ज्यादा बढ़ गई है। उन्होंने जोर देकर कहा कि सुधारों की गति बनाए रखने के लिए प्रगति अत्यंत आवश्यक है। यह समयबद्ध परिणाम सुनिश्चित करने वाला एक मंच है। प्रगति के माध्यम से राष्ट्र हित के कई लंबित प्रोजेक्ट पूरे हुए हैं। उन्होंने आगे कहा कि समय पर फैसले लेने से बेहतर समन्वय होता है। जवाबदेही तय होने पर सरकार के काम की गति बढ़ती है। इसका सीधा असर नागरिकों के जीवन में दिखाई देता है।

2014 से अब तक 377 प्रोजेक्ट्स की समीक्षा

प्रधानमंत्री ने उल्लेख किया कि प्रगति के नेतृत्व वाले इकोसिस्टम ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। बीते एक दशक में इसने ₹85 लाख करोड़ से ज्यादा लागत की परियोजनाओं को गति दी है। इसने प्रमुख कल्याणकारी योजनाओं के जमीनी स्तर पर क्रियान्वयन को भी समर्थन दिया है।

उन्होंने बताया कि साल 2014 से अब तक प्रगति के तहत 377 प्रोजेक्ट्स की समीक्षा की गई है। इन प्रोजेक्ट्स में 3,162 मुद्दे सामने आए थे। इनमें से 2,958 यानी लगभग 94 प्रतिशत का समाधान हो चुका है। इससे परियोजनाओं में देरी और लागत में वृद्धि कम हुई है। विभिन्न एजेंसियों के बीच समन्वय की कमी में भी सुधार आया है।

पीएम श्री योजना पर पीएम मोदी का ज़ोर

वहीं, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पीएम श्री (PM SHRI) योजना की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया। यह योजना समग्र स्कूली शिक्षा के लिए राष्ट्रीय बेंचमार्क बने। उन्होंने कहा कि इसका क्रियान्वयन केवल बुनियादी ढांचे पर केंद्रित न हो। यह परिणाम-आधारित (outcome-oriented) होना चाहिए।

पीएम मोदी ने सभी मुख्य सचिवों को यह योजना निगरानी करने को कहा। उन्होंने यह भी कहा कि पीएम श्री स्कूलों को आदर्श बनाया जाना चाहिए। वे राज्य सरकारों के अन्य स्कूलों के लिए एक मिसाल बनें। उन्होंने सुझाव दिया कि वरिष्ठ सरकारी अधिकारी क्षेत्रीय दौरे करें। वे पीएम श्री स्कूलों के प्रदर्शन का मूल्यांकन करें।


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