देहरादून में त्रिपुरा के छात्र पर क्रूर हमला, मौत; पाँच आरोपी गिरफ्तार, जाँच रिपोर्ट में गंभीर चोटों का खुलासा

देहरादून में हुई त्रिपुरा के छात्र की हत्या ने पूरे देश को स्तब्ध कर दिया है. संदिग्ध नस्लीय हमले में बुरी तरह घायल हुए युवक ने कई दिनों तक अस्पताल में रहने के बाद दम तोड़ दिया.

पुलिस एंजेल चकमा की मौत के बाद देहरादून में क्रूर त्रिपुरा छात्र हमला मामले की जांच कर रही है।
देहरादून में त्रिपुरा छात्र पर हुए क्रूर हमले और उसकी मौत के संबंध में पुलिस ने पाँच व्यक्तियों को गिरफ्तार किया है।

मेडिकल रिपोर्ट से क्रूरता सामने आई

त्रिपुरा के 24 वर्षीय छात्र एंजेल चकमा की देहरादून में हमले के बाद मृत्यु हो गई है. ग्राफिक एरा अस्पताल की एक मेडिकल रिपोर्ट ने छात्र को लगी गंभीर चोटों का खुलासा किया है. उत्तराखंड सरकार ने इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना पर गहरी चिंता व्यक्त की है. मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस हमले को पूरी तरह से अस्वीकार्य बताया है. उन्होंने सभी दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने का भी वादा किया है.

अस्पताल की जाँच रिपोर्ट में मृतक छात्र की पीठ और सिर में गहरे घाव पाए गए हैं. उसके पैर पर कई खरोंचें मौजूद थीं. शरीर के दाहिने हिस्से (ऊपरी और निचले दोनों अंगों) में गंभीर चोट के निशान थे. दाहिनी ओर लकवा भी मार गया था. इसके अलावा, रिपोर्ट में रीढ़ की हड्डी में चोट और मस्तिष्क में दरारें भी बताई गई हैं.

क्या है पूरा मामला

यह घटना 9 दिसंबर को देहरादून के सेलाकुई पुलिस थाना क्षेत्र के अंतर्गत एक ढाबे पर शुरू हुई. कथित नस्लीय दुर्व्यवहार के विरोध के बाद यह देखते ही देखते हिंसा में बदल गई. बताया जाता है कि एंजेल चकमा और उनके भाई माइकल चकमा पर नशे में धुत कुछ लोगों ने नस्लीय टिप्पणियाँ कीं. जब दोनों भाइयों ने विरोध जताया, तो हाथापाई शुरू हो गई. इस दौरान एंजेल पर धारदार हथियार से हमला किया गया. इससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया.

देहरादून एसएसपी का बयान

देहरादून के एसएसपी अजय सिंह ने बताया कि आरोपी नशे में लग रहे थे. स्थिति कुछ ही मिनटों में बेकाबू हो गई थी. सिर और पीठ पर चोट लगने के कारण एंजेल तुरंत मौके पर ही गिर पड़ा. उसे फौरन ग्राफिक एरा अस्पताल ले जाया गया. उसका इलाज वहाँ 17 दिनों से अधिक समय तक चला. दुखद रूप से, 26 दिसंबर को चोटों की गंभीरता के कारण उसकी मौत हो गई.

गिरफ्तारियों की संख्या

एंजेल के परिवार की शिकायत पर पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज की. मामले की जाँच के लिए एक विशेष टीम बनाई गई. पुलिस अब तक 5 लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है. इनमें 2 नाबालिग भी शामिल हैं, जिन्हें किशोर सुधार गृह भेजा गया है. गिरफ्तार किए गए लोगों की पहचान अवनीश नेगी, शौर्य राजपूत, सूरज ख्वास, सुमित और आयुष बरोनी के रूप में हुई है. एक संदिग्ध फिलहाल फरार है. उस पर नेपाल भाग जाने का संदेह है. पुलिस ने उसकी गिरफ्तारी के लिए सूचना देने वाले को 25,000 रुपये का इनाम देने की घोषणा की है. उसे ढूँढ़ने में मदद के लिए एक टीम भेजी गई है.


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