‘दीपू दास की हत्या संवैधानिक जनादेश का उल्लंघन’, असदुद्दीन ओवैसी ने बांग्लादेश को आइना दिखाया

18 दिसंबर को बांग्लादेश में एक हिंसक भीड़ ने दीपू दास की हत्या कर दी थी. इस घटना ने पूरी दुनिया को सदमे में डाल दिया था. अब एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने इस पूरे मामले पर बयान जारी किया है.

एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने बांग्लादेश में हिंदू अल्पसंख्यक सदस्य दीपू दास की दुखद हत्या पर बात की।
AIMIM President Asaduddin Owaisi addressing the media about the killing of Deepu Das in Bangladesh. (Photo: ANI/X)

एआईएमआईएम (AIMIM) प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने बांग्लादेश में हुए हालिया हिंसक विरोध प्रदर्शन पर चिंता जताई है. उन्होंने हिंदू व्यक्ति दीपू दास की हत्या की कड़ी निंदा की है. दीपू दास को हिंसक भीड़ ने पीट-पीटकर मार डाला था. ओवैसी ने इस घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताया. साथ ही उन्होंने बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है.

भारत में कई जगहों पर हुए थे विरोध प्रदर्शन

दीपू दास की मौत के बाद भारत में कई स्थानों पर प्रदर्शन देखने को मिले. इनमें दिल्ली, कोलकाता, मुंबई और हैदराबाद में विरोध प्रदर्शन शामिल हैं. मध्य प्रदेश के कुछ हिस्सों और अगरतला में भी प्रदर्शन हुए. इस दौरान भारतीयों ने बांग्लादेश के दूतावास के बाहर भी विरोध प्रदर्शन किया.

‘दीपू चंद्र दास की हत्या संवैधानिक जनादेश के विपरीत’

ओवैसी ने कहा कि दीपू चंद्र दास की पीट-पीटकर हत्या बांग्लादेश के संवैधानिक जनादेश के उलट है. बांग्लादेश का संविधान अनुच्छेद 41 के तहत धर्म की स्वतंत्रता की गारंटी देता है. उन्होंने इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना की निंदा की है. न्यूज एजेंसी पीटीआई से बात करते हुए ओवैसी ने कहा, “दीपू चंद्र दास के साथ जो हुआ, वह पूरी तरह से संवैधानिक जनादेश के विपरित है. यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है. यह एक दुखद घटना है. हमारी पार्टी किसी भी तरह की लिंचिंग की निंदा करती है.”

‘बांग्लादेश का निर्माण धर्मनिरपेक्ष आधार पर हुआ था’

ओवैसी ने बताया कि बांग्लादेश का निर्माण धर्मनिरपेक्ष बंगाली राष्ट्रवाद की नींव पर हुआ था. वहां एक बड़ी गैर-मुस्लिम आबादी निवास करती है. ये लोग बांग्ला भाषा बोलते हैं. “अगर आप संविधान देखेंगे, तो वहां आर्टिकल 41 में धर्म की स्वतंत्रता की गारंटी दी गई है. आर्टिकल 27 और 28 कानून के समक्ष समानता सुनिश्चित करते हैं. आर्टिकल 12 धर्मनिरपेक्षता को बनाए रखता है.”

इससे पहले उन्होंने बांग्लादेश के साथ संबंध मजबूत करने के लिए भारत सरकार के प्रयासों का समर्थन किया था. उन्होंने जोर दिया कि बांग्लादेश में स्थिरता भारत की सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण है, खासकर पूर्वोत्तर क्षेत्र के लिए. उन्होंने कहा था, “बांग्लादेश में एक लोकप्रिय क्रांति हुई है. हमें उम्मीद है, जब फरवरी में चुनाव होंगे, तो भारत-बांग्लादेश के बीच संबंध बेहतर बने रहेंगे.”

18 दिसंबर को बांग्लादेश में क्या हुआ?

18 दिसंबर को बांग्लादेश में एक भीड़ ने दीपू दास की हत्या कर दी थी. इस घटना ने पूरी दुनिया को चौंका दिया था. इस घटना से भारत और बांग्लादेश के बीच तनाव पैदा हो गया. इसको लेकर पूरे भारत में विरोध प्रदर्शन हुए. भारत के विदेश मंत्रालय ने भी इस पर अपनी चिंता व्यक्त की थी.


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