बिहार में विधानसभा चुनाव करीब हैं, लेकिन लालू परिवार को बड़ा झटका लगा। दिल्ली की अदालत ने लालू प्रसाद यादव, राबड़ी देवी और तेजस्वी यादव सहित 14 लोगों को IRCTC घोटाले में आरोपी बनाया है।

लालू परिवार को IRCTC घोटाले में झटका
बिहार विधानसभा चुनाव से पहले लालू परिवार को बड़ा झटका लगा है। दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने IRCTC घोटाले में लालू प्रसाद यादव, राबड़ी देवी और तेजस्वी यादव समेत 14 लोगों को आरोपी बनाया है। कोर्ट ने कहा कि यह घोटाला लालू यादव की जानकारी में रचा गया था और इससे उनके परिवार को काफी फायदा हुआ। राबड़ी देवी और तेजस्वी यादव को जमीन बेहद कम दाम में मिली। आखिर यह मामला है क्या?
IRCTC होटल घोटाले की शुरुआत
IRCTC होटल घोटाला यूपीए सरकार के पहले कार्यकाल का है, जब लालू यादव रेल मंत्री थे। उस दौरान IRCTC ने पुरी और रांची के BNR होटल का संचालन प्राइवेट कंपनियों को देने की प्रक्रिया शुरू की। सीबीआई का आरोप है कि टेंडर प्रक्रिया में हेराफेरी हुई ताकि सुजाता होटल्स प्राइवेट लिमिटेड को ठेका मिल सके। इसके बदले इस होटल कंपनी ने लालू परिवार से जुड़ी बेनामी कंपनी को जमीन कम कीमत में दी।
पटना की जमीन
सीबीआई के अनुसार, पटना में तीन एकड़ जमीन जिसकी कीमत लगभग 94 करोड़ थी, उसे केवल 65 लाख रुपये में बेचा गया। यह जमीन डिजिटल मार्केटिंग लिमिटेड नाम की बेनामी कंपनी के जरिए ट्रांसफर हुई। बाद में राबड़ी देवी और तेजस्वी यादव की लारा प्रोजेक्ट्स LLP ने इसे खरीद लिया।
मामले में आरोपी
सीबीआई ने RJD प्रमुख लालू प्रसाद यादव को मुख्य आरोपी बनाया है। उनकी पत्नी और पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी पर भी लैंड डील में शामिल होने का आरोप है। पूर्व उप मुख्यमंत्री और विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव पर परिवार को फायदा पहुंचाने का आरोप है। पूर्व केंद्रीय मंत्री प्रेमचंद गुप्ता और उनकी पत्नी सरला गुप्ता, जो सुजाता होटल्स की मालिक हैं, भी आरोपी हैं।
14 लोगों पर आरोप
जांच एजेंसी ने IRCTC के चार अधिकारियों और सुजाता होटल्स के डायरेक्टर्स को भी आरोपी बनाया। कोर्ट ने सभी 14 लोगों पर आरोप तय कर दिए। सीबीआई ने कहा कि आरोप तय करने के लिए उसके पास पर्याप्त सबूत हैं। 1 मार्च तक सीबीआई ने सभी आरोपियों के खिलाफ बहस पूरी कर ली थी।








