भारत और रूस का संयुक्त सैन्य अभ्यास “इंद्र-2025” राजस्थान के महाजन फील्ड फायरिंग रेंज में अपने मुख्य चरण में प्रवेश कर चुका है।

आतंकवाद विरोधी अभियान का अभ्यास
अभ्यास के परिदृश्य के अनुसार, काल्पनिक आतंकवादी समूहों ने एक आबादी वाले क्षेत्र पर कब्जा कर स्थानीय नागरिकों को बंधक बना लिया। भारतीय और रूसी सैनिकों ने संयुक्त रूप से क्षेत्र की टोह ली, दुश्मन की गतिविधियों का पता लगाया और उनके भागने के रास्ते बंद किए। सैनिकों ने युद्ध के दौरान घायल सैनिकों को प्राथमिक उपचार और सुरक्षित निकासी का प्रशिक्षण भी किया।
ड्रोन और इलेक्ट्रॉनिक युद्ध प्रणाली का उपयोग
इस अभ्यास में मानव रहित हवाई वाहनों (UAVs) का उपयोग निगरानी और सटीक हमलों के लिए किया गया। साथ ही, दुश्मन के ड्रोन को निष्क्रिय करने के लिए उन्नत इलेक्ट्रॉनिक युद्ध (EW) प्रणाली का प्रयोग भी किया गया।
लॉजिस्टिक्स और गोला-बारूद आपूर्ति प्रशिक्षण
सैनिकों ने सक्रिय युद्ध क्षेत्रों में गोला-बारूद और आपूर्ति पहुँचाने का व्यावहारिक प्रशिक्षण प्राप्त किया, जिससे आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत किया गया।
महाजन रेंज में संयुक्त क्षेत्र प्रशिक्षण
रूसी रक्षा मंत्रालय के अनुसार, दोनों देशों की सेनाओं ने राजस्थान की गर्म परिस्थितियों में सामरिक फायरिंग और सहनशक्ति प्रशिक्षण किया। इस अभ्यास का उद्देश्य दोनों सेनाओं के बीच समन्वय बढ़ाना और कठिन परिस्थितियों में युद्ध कौशल को निखारना था।
लाइव फायरिंग और टीम तालमेल
सैनिकों ने लाइव-फायर ड्रिल में भाग लिया, जिसमें दुश्मन जैसे गतिशील लक्ष्यों को निशाना बनाया गया। इन अभ्यासों का फोकस सटीकता, प्रतिक्रिया और टीमवर्क पर था।
अवरोध कोर्स और सामरिक अनुभव साझा करना
सैनिकों ने दस से अधिक बाधाओं वाले कोर्स को पार किया, जिससे उनकी सहनशक्ति और फुर्ती की परीक्षा हुई। भारतीय सैनिकों ने कठिन चरणों को पार करने के उन्नत तरीके दिखाए और रूसी साथियों को व्यावहारिक अनुभव साझा किया।
भारत–रूस रक्षा साझेदारी को मजबूती
रूसी रक्षा मंत्रालय ने कहा कि “इंद्र-2025” अभ्यास ने दोनों देशों की सेनाओं के बीच न केवल कौशल बल्कि सामरिक अनुभव साझा कर रक्षा सहयोग को और मजबूत किया है।









