पाकिस्तान में TLP आतंकी संगठन पर लगा प्रतिबंध, 16 मौतों के बाद शहबाज शरीफ का बड़ा एक्शन

पाकिस्तान की शहबाज शरीफ सरकार ने तहरीक-ए-लब्बैक पाकिस्तान (TLP) पर फिर से बैन लगाया है. यह प्रतिबंध आतंकवाद निरोधक अधिनियम 1997 के तहत लगा है. हाल के हिंसक प्रदर्शनों में 16 लोगों की मौत हुई थी. TLP का हिंसा भड़काने का इतिहास रहा है. 2021 में भी इसे प्रतिबंधित किया गया था.

Prime Minister Shahbaz Sharif during Cabinet meeting on TLP Ban in Pakistan
पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शाहबाज शरीफ की सरकार ने तहरीक-ए-लब्बैक पाकिस्तान (टीएलपी) पर प्रतिबंध फिर से लगाने का फैसला किया है।

शरीफ सरकार ने TLP पर उठाया कड़ा कदम

हाल के दिनों में तहरीक-ए-लब्बैक पाकिस्तान (TLP) ने पाकिस्तान में हंगामा किया था. TLP के चलते शहबाज शरीफ को काफी मुश्किल हुई थी. अब शरीफ सरकार ने TLP के खिलाफ सख्त कदम उठाया है. सरकार ने TLP पर आतंकवाद निरोधक अधिनियम (ATA) 1997 के तहत फिर से प्रतिबंध लगा दिया है.

यह फैसला TLP के हालिया हिंसक प्रदर्शनों के बाद लिया गया है. इन प्रदर्शनों में 16 लोगों की दुःखद मृत्यु हुई थी. मृतकों में कई पुलिसकर्मी भी शामिल थे. प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने कैबिनेट बैठक की अध्यक्षता की. इस बैठक में पंजाब सरकार के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई. पंजाब सरकार ने TLP को हिंसा और आतंकी गतिविधियों के लिए प्रतिबंधित करने की सिफारिश की थी.

TLP पर दोबारा लगा बैन

प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) ने एक आधिकारिक बयान दिया. बयान में कहा गया कि कैबिनेट ने “सर्वसम्मति से” इस प्रतिबंध को मंजूरी दी है. इससे पहले, पंजाब सरकार ने 16 अक्टूबर को बैन का निर्णय लिया था. यह बैठक मुख्यमंत्री मरियम नवाज की अध्यक्षता में हुई थी. TLP ने गाजा एकजुटता मार्च के नाम पर कूच शुरू किया था. इसका मकसद अमेरिकी दूतावास के बाहर विरोध प्रदर्शन करना था.

हिंसा का इतिहास और पिछला प्रतिबंध

PMO के अनुसार, TLP की स्थापना 2016 में हुई थी. इसका देशभर में हिंसा भड़काने का लंबा इतिहास रहा है. यह संगठन अशांति फैलाने का काम करता है. इसे पहली बार 2021 में प्रतिबंधित किया गया था. छह महीने बाद यह प्रतिबंध हटा लिया गया था. यह शर्त थी कि पार्टी हिंसा नहीं करेगी. TLP ने अब इस शर्त को तोड़ दिया है. इसी कारण प्रतिबंध लगाने का निर्णय लिया गया.

आतंकवाद वॉचलिस्ट में शामिल

प्रतिबंध लगने के बाद TLP को प्रतिबंधित संगठनों की सूची में जोड़ा जाएगा. यह सूची राष्ट्रीय आतंकवाद निरोधक प्राधिकरण (NACTA) की है. इस सूची में पहले से ही अन्य आतंकी संगठन हैं. इनमें तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) शामिल है. लश्कर-ए-तैयबा (LeT) और जैश-ए-मोहम्मद (JeM) भी मौजूद हैं.

कानूनी प्रक्रिया के अनुसार यह निर्णय संघीय सरकार को 15 दिनों के अंदर सुप्रीम कोर्ट भेजना होगा. सर्वोच्च न्यायालय की पुष्टि आवश्यक है. इसके बाद ही TLP आधिकारिक रूप से प्रतिबंधित संगठन घोषित होगा.


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