नाटो महासचिव मार्क रुट्टे के साथ मुलाकात में ट्रंप ने आशा व्यक्त की कि ये प्रतिबंध लंबे समय तक प्रभावी नहीं रहेंगे और युद्ध जल्द ही समाप्त हो जाएगा।

मास्को ने अमेरिकी प्रतिबंधों की कड़ी निंदा की
अमेरिकी ट्रंप प्रशासन द्वारा रूसी तेल कंपनियों पर लगाए गए नए प्रतिबंधों पर मॉस्को ने सख्त प्रतिक्रिया दी है। रूस ने कहा कि ट्रंप सरकार का यह फैसला शांति प्रयासों को नुकसान पहुंचाएगा। देश अपने हितों की रक्षा के लिए सभी आवश्यक कदम उठाएगा। मॉस्को का कहना है कि यूक्रेन संघर्ष खत्म करने के लिए शुरू की गई सभी कूटनीतिक पहलें अमेरिका के इस कदम से कमजोर हुई हैं।
बढ़ेगा अमेरिका-रूस तनाव
एएफपी की एक रिपोर्ट के अनुसार, रूसी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता मारिया जाखारोवा ने अमेरिकी कदम को “विपरीत दिशा में उठाया गया निर्णय” बताया। उन्होंने कहा कि इससे यूक्रेन विवाद के समाधान में कोई सहायता नहीं मिलेगी। साथ ही, रूसी अधिकारियों ने दावा किया कि मॉस्को ने पश्चिमी प्रतिबंधों से निपटने के लिए मजबूत प्रतिरोधी तंत्र विकसित किया है। इन तंत्रों को भविष्य में आर्थिक और ऊर्जा क्षेत्रों में और मजबूत किया जाएगा।
ट्रंप ने प्रमुख प्रतिबंधों की घोषणा की
दरअसल, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार को रूस की दो प्रमुख तेल कंपनियों — रोसनेफ्ट और लुकोइल — पर प्रतिबंध लगाने की घोषणा की थी। ट्रंप ने कहा कि रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ कूटनीतिक बातचीत में कोई ठोस प्रगति नहीं हो रही है। एएफपी से बात करते हुए ट्रंप ने कहा, “हम लगातार बातचीत करते हैं, बातचीत अच्छी होती है, लेकिन परिणाम नहीं निकलता।”
ट्रंप के नए प्रतिबंधों से बढ़ी चिंता
नाटो महासचिव मार्क रुट्टे के साथ बैठक के दौरान ट्रंप ने यह उम्मीद जताई कि प्रतिबंधों का प्रभाव अधिक समय तक नहीं रहेगा। उन्होंने यह भी उम्मीद जताई कि युद्ध जल्द ही खत्म हो सकेगा। वहीं, अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने प्रतिबंधों के बावजूद अमेरिका के शांति वार्ता के लिए तैयार रहने की बात कही। उन्होंने कहा, “जहां भी शांति का अवसर मिलेगा, अमेरिका बातचीत के लिए तैयार रहेगा।”









